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Wednesday, October 14, 2015

रुदनस्वरुप अट्टहास मचा हल्ला फैली बकवास
आज चीखता है श्वान लोग होते अशांत
हर ओर फैला है बस बकर- बकर
क्यों गवाऊं मैं समय अमूल्य
मौन ही होता है उत्तम  
शांति बस शांति
होनी चाहिए
मन में

ॐ 

थूक

हमारे देश में लोग थूकते बहुत है। बहुत पुराना मुहावरा है कि गुस्सा थूक दो पर भारत में तो लोग क्या क्या नहीं थूकते ? कुछ लोग पान गुटका और तम्बाकू खाकर थूकते है तो कुछ एँ वें ही थूक देते है। कुछ लोगो में तहजीब होती है तो वे बेसिन में थूकते है बाकि तो फिर दीवार पे थूकते है, कोने में थूकते है कुछ तो कही भी थूक देते हैवे यह मानते है कि उनका थूक एकदम पवित्र है । कुछ पवित्र आत्माएं हैं जो कि बाइक पर सवार होकर थूकते हैं तो कुछ राजनीति पर सवार होकर थूकते हैं | कुछ तो अपने अस्तित्व पर ही थूक देते हैं |
अस्तु हमारे देश में लोग थूकते बहुत है, आज सारा देश थूकमय हो गया है |

जय हिन्द !